होली पर हिंदी निबंध – होली पर निबंध कैसे लिखें

पर Sonu द्वारा प्रकाशित

Holi Essay in Hindi

होली का पर्व हिन्दुओं द्वारा मनाए जाने वाले एक प्रमुख त्यौहार हैं। कई त्यौहार भारत में मनाए जाते हैं, जैसे कि दीवाली, ईद, रक्षाबंधन, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दसहरा आदि, लेकिन होली सबसे अधिक प्रमुख त्यौहार हैं। होली का त्यौहार भारत में बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता हैं। यह त्यौहार लोगों को खुशियों से भर देता हैं। यह त्यौहार भारतीय संस्कृति का सबसे सुंदर रंग का त्यौहार माना गया हैं।

आज हम आपको इस पोस्ट में होली कैसे मनाया जाता हैं, होली की कौन सी कहानियाँ जुड़ी हुई हैं, होलिका नाम कैसे पड़ा इन सब की जानकारी इस पोस्ट में बताएंगे। कई स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को होली पर निबंध लिखने के लिए कहा जाता हैं।

साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और अन्य जगहों पर होली पर निबंध लिखने के लिए प्रतियोगिता ली जाती हैं, इसलिए कई छात्र Holi Essay in Hindi में निबंध की तलाश करते हैं।

इसी कारण हमने आपके लिए नीचे लोंग और शॉर्ट निबंध की जानकारी प्रदान की हैं, आप नीचे जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Holi par nibandh

भारत में होली मनाए जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार हैं। यह भारत और नेपाल का सबसे प्रमुख त्यौहार हैं। यह त्यौहार सबसे पहले भारत में मनाया गया था, लेकिन अब यह त्यौहार पूरी दुनियां में मनाया जाता हैं। होली रंगों का त्यौहार हैं। हर देशों में अलग अलग तरीको से होली मनाई जाती हैं।

होली कब मनाते हैं

यह हिंदू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन मास की पुर्णिमा को मनाई जाती हैं। यह त्यौहार रंगों और हँसी खुशी का त्यौहार हैं। यह त्यौहार मनाने के लिए भारत में विदेशी लोग भी आते हैं, क्योंकि उन्हें यह त्यौहार बहुत ज्यादा पसंद हैं।

होली के त्योहार का इतिहास

होली का त्यौहार मनाने के पीछे अनेक कहानियां जुड़ी हुई हैं। इसमें से एक सबसे प्रसिद्ध कहानी यह हैं कि प्राचीन काल में हिरण्यकश्यप नाम का एक बलशाली असुर था, जो खुदकों ईश्वर मानता था। इस असुर की एक दुष्ट बहन थी, जिसका नाम होलिका था। इस हिरण्यकश्यप के एक पुत्र भी थे, जिसका नाम प्रह्लाद था।

यह भगवान श्री विष्णु के भक्त थे, लेकिन हिरण्यकश्यप श्री विष्णु के विरोधी थे। जब प्रल्हाद श्री विष्णु की पूजा करते थे, तब हिरण्यकश्यप उन्हें रोकते थे। हिरण्यकश्यप प्रल्हाद को दण्ड देते थे, लेकिन प्रल्हाद फिर भी श्री राम की पूजा करते थे। हिरण्यकश्यप आग में जलकर मरना चाहते थे, इसके लिए अपनी बहन होलिका से मदद मांगी, क्योंकि होलिका को आग में न जलने की वरदान प्राप्त था।

हिरण्यकश्यप ने होलिका से कहा की प्रह्लाद को लेकर आग में बैठ जाओ। इसके बाद होलिका प्रल्हाद को लेकर आग में बैठ गई। आग में प्रल्हाद को कुछ नहीं हुआ, क्योंकि यह भगवान विष्णु के भक्त थे, लेकिन होलिका आग में जलकर भस्म हो गई। इस कहानी से यह सिख मिलती हैं कि बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत होती हैं।

होली की तैयारी

भारत में होली का त्यौहार मनाने के लिए कुछ दिन पहले से ही लोग होली की तैयारियां में लग जाते हैं। होली का त्यौहार दो दिन मनाया जाता हैं। पहले दिन रात को होलिका जलाया जाता हैं, जिसे लोग होलिका दहन भी कहते हैं।

बाजारों से ढोल खरीदकर रात को होलिका दहन करते समय बजाते हैं। इस दिन रात को ढोल बजाते बजाते गीत भी गाया जाता हैं। इस दिन अग्नि के लिए हर घरों से लकड़ियां लाया जाता हैं।

इस दिन लकड़ी, घास और गोबर के ढ़ेर से होलिका दहन किया जाता हैं और अग्नि की पूजा की जाती हैं। दूसरे दिन सफेद कपड़े पहनकर एक दूसरे को रंग लगते हैं। घरों में तरह तरह के पकवान बनाया जाता हैं, जैसे कि गुझिया, पूरी, पनीर की सब्जी, खीर, मिठाइयां और बहुत कुछ बनाया जाता हैं।

अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों को बुलाकर भोग लगाया जाता हैं। इस दिन सुबह से ही लोग गुलाल से खेलने लगते हैं। इस दिन गुलाल से सबका स्वागत किया जाता हैं। इस दिन छोटे छोटे बच्चे पिचकारियों से रंग छोड़कर मनोरंजन करते हैं।

होली के दिन हर घरों में एक ही शब्द गूंजता हैं, “होली हैं”। रंग खेलने के बाद स्नान करके विश्राम करने के बाद शाम को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों को मिठाइयां खिलाकर खुशियां मनाई जाती हैं।

Holi ka nibandh

भारत में होली का त्यौहार बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता हैं। यह त्यौहार पर्व हिंदू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता हैं। यह भारत के एक प्रमुख और सबसे प्रसिद्ध त्यौहार हैं। यह त्यौहार भारत में ही नहीं बल्कि बाहर देशों में भी मनाई जाती हैं। होली रंगों और खुशियों का त्यौहार हैं।

यह त्यौहार हर राज्य में अलग अलग तरीकों से मनाया जाता हैं। बच्चे होली का त्यौहार बेसबरी से इंतेजार करते हैं, क्योंकि उन्हें होली का त्यौहार अच्छा लगता हैं।

त्योहार का इतिहास

होली का अत्यंत प्राचीन पर्व हैं, जो होली को होलिका या होलाका के नाम से मनाया जाता हैं। भारत में होली का पर्व की तरह इसके परंपराएँ भी अत्यंत प्राचीन हैं। यह प्राचीन काल में महिलाओँ द्वारा परिवार के सुख और समृद्धि के लिए मनाया जाता था। उस समय पूर्ण चंद्र की पूजा की जाती थी। उस समय होली बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता था और आज भी होली का त्यौहार धूम धाम से मनाया जाता हैं।

भारत की मशहूर होली

भारत में होली का उत्सव अलग अलग प्रदेशों में विभिन्न तरीकों से मनाया जाता हैं। ब्रज की होली आज भी सभी देशों के आकर्षण का बिंदु होती हैं। लठमार होली जो बरसाने की होती हैं, वह बहुत ज्यादा प्रसिद्ध हैं। इसमें पुरुष महिलाओं को गुलाल लगते हैं और वहीं महिलाएं पुरुषों को लाठियों तथा कपड़ो के बने कोड़ो से मरती हैं।

इसी तरह यह वृदावन और मथुरा में 15 दिनों तक होली का पर्व मनाया जाता हैं। महाराष्ट्र में रंग पंचमी मनाई जाती हैं। इसमें लोग सूखे रंग से होली खेलते हैं। हरियाणा के धुलंडी में भाभी द्वारा देवर को परेशान करने की परंपरा हैं। पंजाब में होली मोहल्ला में सिक्खों द्वारा शक्ति प्रदर्शन की प्रथा प्रचलित हैं। इसी प्रकार विभिन्न देशों में अलग अलग तरीको से होली मनाई जाती हैं।

धन्यवाद…

तो हमें आशा हैं की हमरे विद्यार्थी मित्रों को यह होली पर निबंध पसंद आया होगा। पसंद आया तो हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेन्ट करके जरुर बताये और इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें।


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